Paag- पाग मर्यादा का प्रतीक

Paag- पाग मर्यादा का प्रतीक

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मिथिला की अनुपम एवं अनूठी सांस्कृतिक विरासत मे "पाग" एक मर्यादा तथा सम्मान का प्रतीक माना गया है जिसे सिर पर बड़े ही गर्व से धारण किया जाता है। वस्तुतः आदि काल मे मिथिला के लोग खासकर ब्राह्मण सिलाई किया हुआ परिधान नही पहनते थे। इसलिए उस समय मे "साठा" यानी साठ हाथ लंबा सूती कपड़े जो कि आठ इंच चौड़ा तथा लगभग नब्बे फुट लम्बा होता था उसको पागनुमा बनाकर सम्मानित किया जाता था। उस समय में साठा पगड़ीनुमा पाग शास्त्रार्थ एवं धौत परीक्षा के पश्चात् विद्वानों को ससम्मान माथे पर सुशोभित किया जाता था। साठा पाग की जटिलता को ध्यान में रखकर कालांतर में दरभंगा के महाराजा रामेश्वर सिंह के समय में इसके स्वरूप को बदला गया जो कि आज के समय मे अनुकरणीय है। मिथिला मे पाग का पारंपरिक प्रचलन ब्राह्मण एवं कायस्थ सम...

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